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पराजय व कभी हार न मानना ही अपराजिता

Published - Sun 09, Feb 2020

अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत संत पथिक विद्यालय में बालिका सुरक्षा पर संवाद का आयोजन

police ki pathshala

बहराइच। अपराजिता का मतलब कभी हार न मानना। कभी पराजित न होना। धन्यवाद अमर उजाला परिवार । आप बेटियों की सुरक्षा व बढ़ते कदम को बढ़ावा देकर उन्हें सशक्त बनाने के लिए यह पहल की शुरूआत की। संत पथिक परिवार आपका दिल से आभार व्यक्त करता है। यह बातें डायरेक्टर सुधारानी अग्रवाल ने अमर उजाला की मुहिम अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। शनिवार को अमर उजाला ने संत पथिक विद्यालय पशुपति नगर में अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत बालिका सुरक्षा पर संवाद का आयोजन किया। मुख्य अतिथि एएसपी ग्रामीण रवींद्र सिंह रहे। छात्राओं ने सुरक्षा को लेकर व हो रहे जघन्य अपराधों से छुटकारा पाने के लिए बेहिचक सवाल-जवाब किए। एएसपी ने छात्राओं के हर एक सवाल को उदाहरण के साथ सरल लहजे में जवाब देकर उनको सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया। प्रबंधक अवधेश नारायन अग्रवाल व अटल सिंह ने मुख्य अतिथि को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। शिक्षक प्रदीप दूबे ने कार्यक्रम का संचालन किया।

माता-पिता को बनाएं दोस्त
आप अपने माता पिता को दोस्त बनाएं। उनसे अपनी सारी बातों को खुलकर कहे। यकीन मानिए आपको किसी दूसरे की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। जब किसी लड़की से कोई शोहदा अभद्रता करता है तो लड़की अपने घर में नहीं बताती है। यही सबसे बड़ी गलती है। आप अपनी बातें परिवार को बताएं। पुलिस भी आपकी सहायता के लिए हमेशा तत्पर है। सरकार बेटियों की सुरक्षा के लिए 1090 व एंटी रोमियों का गठन की है। जरूरत पड़ने पर आप इनकी सहायता लें। आपको न्याय मिलेगा और आपकी पहचान भी नहीं उजागर होगी।
रवींद्र सिंह, एएसपी ग्रामीण

नारी दिलाती परिवार को पहचान
घर में महिलाओं  की भूमिका काफी अहम होती है। नारी ही परिवार को पहचान दिलाती है। आज के दौर मेंं महिलाएं पुरूष से किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। महिलाएं व छात्राएं कभी हार न माने। इन्हें अपने हौसले से सशक्त बनना चाहिए। 
पूजा अग्रवाल, प्रिेंसिपल

महिलाएं बढ़ा रही है कदम
क्षेत्र कोई भी हो। महिलाएं हर क्षेत्र में अपने कदम बढ़ाकर समाज में अपनी एक अलग लकीर खींच रही है। महिलाएं व युवतियां रोजगार के क्षेत्र में भी बड़े उत्साह के साथ कदम बढ़ा बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रही है।
नीना छावड़ा, शिक्षिका

चुप्पी तोड़े, ले कानून का सहारा
स्कूल व कॉलेज के आते-जाते समय रास्ते में शोहदों द्वारा परेशान किए जाने की घटना पर छात्राएं बिल्कुल चुप न रहें। अपनी चुप्पी तोड़े । परिवार को बताने के साथ स्कूल प्रशासन को बताएं। जरूरत पड़ने पर पुलिस की सहायता लें। शोहदों को हमेशा मुंहतोड़ जवाब देने के लिए आप तैयार रहें।
सुधारानी अग्रवाल, डायरेक्टर

सरकार चला रही योजनाएं
छात्राएं व महिलाएं स्वयं सशक्त बनें। इसकेे लिए सरकार कई योजनाएं भी चला रही है। सरकार हर योजना में महिलाओं को प्रमुखता देकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दे रही है। महिलाओं को हर योजनाओं का लाभ लेकर खुद को समाज में अपनी पहचान बनानी चाहिए।
गार्गी पाठक, शिक्षिका