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दहेज प्रताड़ना 

Published - Tue 30, Apr 2019

शादी के बाद युवतियां दहेज के दंश को झेलती हैं। जबकि महिलाओं के लिए कानून में दहेज निषेध अधिनियम 1961 उनकी सुरक्षा के लिए ही है। अधिनियम के अनुसार, दहेज देना, लेना, मांगना अथवा यहां तक कि विज्ञापित करना एक अपराध है। इनमें से किसी भी उल्‍लंघन के लिए 6 माह से 5 वर्ष तक के कारावास और जुर्माने के दंड का प्रावधान है ।

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व्यवहार निर्दयतापूर्ण हो तो 
दहेज के लिए यदि महिला के साथ पति, परिजन या पति के सगे संबंधी निर्दयतापूर्ण व्यवहार करते हैं। मारते-पीटते हैं। चोट पहुंचाते हैं, तो 
भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए के अनुसार, ऐसे मामलों में 3 वर्ष तक के कारावास और जुर्माने के दंड का प्रावधान है।

दहेज हत्या पर सजा 
यदि दहेज के लिए महिला की हत्या कर दी जाती है और मामला कोर्ट में सिद्ध हो जाता है, तो आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 304बी के तहत 7 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास के दंड का प्रावधान है ।