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गर्भवती मीनल ने बनाई देश की पहली कोविड-19 जांच किट

Published - Sun 29, Mar 2020

मीनल ने उस किट को अधिकारियों को सौंपने से ठीक एक दिन पहले बच्ची को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि यह एक साथ दो बच्चों को जन्म देने जैसा है।

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वायरस विज्ञानी मीनल दखवे भोसले ने देश में कोरोना वायरस परीक्षण की पहली किट बनाई है। आखिरी महीने की गर्भवती मीनल ने इस किट को बनाने वाली टीम का नेतृत्व किया है। उनके प्रयास से उनकी टीम ने इस किट को रिकॉर्ड छह हफ्ते में तैयार कर लिया।
मीनल ने उस किट को अधिकारियों को सौंपने से ठीक एक दिन पहले बच्ची को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि यह एक साथ दो बच्चों को जन्म देने जैसा है। दोनों यात्रा साथ-साथ चलीं और चुनौती भरी रही। जांच किट पर काम करने के दौरान स्वास्थ्य को लेकर परेशानी हुई। बच्ची का जन्म सर्जरी से हुआ है। भोसले ने कहा कि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए लोगों की मदद का यह सही समय था। मैं इस क्षेत्र में पांच वर्षों से काम कर रही हूं और यदि इस आपात स्थिति में मैं काम नहीं करती, जब मेरी सेवा की सबसे ज्यादा जरूरत थी तो इसका क्या फायदा? हालांकि वह आखिरी दिनों में दफ्तर नहीं जा रही थी और पुणे स्थित घर से ही 10 सदस्यीय टीम को निर्देश दे रही थीं। उन्होंने कहा, मैं खुश हूं कि अपने देश के लिए कुछ किया।

मौजूदा किट की तुलना में कीमत केवल एक चौथाई 
मीनल की टीम द्वारा निर्मित कोविड-19 जांच किट से ढाई घंटे में ही परिणाम मिल जाएगा। पहले इसमें आठ घंटे से ज्यादा का समय लगता था। माईलैब टेस्ट किट की कीमत 1200 रुपये है, जो अब तक सरकार द्वारा एक जांच पर खर्च किए जा रहे 4500 रुपये का करीब एक चौथाई है। देश 130 करोड़ से ज्यादा आबादी में से शुक्रवार तक केवल 27,000 लोगों की जांच हो सकी है।

1200 रुपये है कीमत 
मीनल दखावले ने जिस किट को बनाया है उसकी बाजार में कीमत मात्र 1200 रुपये है। जबकि बाजार में उपलब्ध विदेशी किट की कीमत 4,500 रुपये है। मीनल की माने तो 1200 रुपये में मिलने वाली उनकी किट कोरोना वायरस संक्रमण की जांच ढाई घंटे में कर लेती है। वहीं अगर विदेशी किटों की बात करें तो उनकी जांच में छह से सात घंटे लग जाते हैं। 

एक किट से 100 टेस्ट हो सकते हैं
पुणे की मायलैब डिस्कवरी में बनाई गई प्रत्येक किट से 100 सैंपलों की जांच की जा सकती है। यह भारत की पहली ऐसी फर्म है जिसे टेस्टिंग किट तैयार करने और उसकी बिक्री करने की अनुमति मिली है। मीनल इसी लैब में रिसर्च और डेवलपमेंट प्रमुख वायरोलॉजिस्ट हैं। मायलैब द्वारा तैयार की गई इस किट से कोरोना वायरस के संक्रमण की जांच में ढाई घंटे लगते हैं, जबकि विदेश से आने वाले किट से जांच में छह-सात घंटे लगते हैं।'

सोमवार तक बाजार में होगी उपलब्ध 
कंपनी के मेडिकल मामलों के निदेशक डॉ. गौतम वानखेड़े की माने तो यह किट सोमवार से बाजार में उपलब्ध हो जाएगी। किट तैयार करने वाली कंपनी माईलैब का कहना है कि वह एक हफ्ते में एक लाख कोविड-19 टेस्ट किट की बाजार में उपब्ध करावा देगी और अगर किट की मांग बढ़ती है तो कंपनी दो लाख टेस्टिंग किट तैयार कर सकती है।

10 वैज्ञानिकों की टीम किया काम
मीनल के अनुसार, इस किट को बनाने में 10 वैज्ञानिकों की टीम ने ने काम किया और सफलता पाई। 18 मार्च को उन्होंने टेस्टिंग किट की परख के लिए इसे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) को सौंपा। उसी शाम उन्होंने इस किट के प्रस्ताव को भारत के फूड एंड ड्रग्स कंट्रोल अथॉरिटी (सीडीएससीओ) के पास व्यवसायिक अनुमति के लिए भेजा।