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बेटियों से भेदभाव न करने का लें संकल्प

Published - Tue 04, Feb 2020

अमर उजाला 100 मिलियन स्माइल्स के तहत जिला प्रोबेशन विभाग के साथ आयोजित किया गया कार्यक्रम, नेहरूनगर स्थित गाजियाबाद पब्लिक स्कूल में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का दिया संदेश

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गाजियाबाद। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत शुक्रवार को गाजियाबाद पब्लिक स्कूल में अमर उजाला 100 मिलियन स्माइल्स और जिला प्रोबेशन विभाग ने कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर बेटी बचाओ का संदेश दिया। मुख्य अतिथि के तौर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्र कार्यक्रम में शामिल हुए।

छात्रों ने रंगोली, पोस्टर, नृत्य और कविताओं से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया। इसके अलावा इस विषय पर शिक्षकों और छात्रों ने अपने विचार भी मंच पर रखे। जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्र और उनकी टीम ने छात्राओं को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ विषय पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हर दस साल बाद होने वाली जनगणना में देश में बालक-बालिकाओं के अनुपात में भारी अंतर सामने आया। 2011 की जनगणना के बाद ऐसे जिले चिन्हित किए गए, जहां एक हजार बालकों के मुकाबले 800 या इससे कम बालिकाएं हैं। गाजियाबाद जिले में भी 2011 की जनगणना के बाद एक हजार बच्चों के अनुपात में 850 बालिकाएं ही हैं। केंद्र सरकार की योजना का मकसद लिंग भेद खत्म कर बालिकाओं का अनुपात बढ़ाना है। इसके लिए विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। छात्राओं को बताया गया कि कई परिवार बेटी का जन्म होने के बाद भी भेदभाव करते हैं। बच्चियों के टीकाकरण, पोषण, शिक्षा में भेदभाव लोग न करें। पांचवीं कक्षा के बाद बच्चियों का ड्रॉप आउट रेट बहुत ज्यादा है। यही हालत आठवीं के बाद भी है। इसे भी समाप्त कर बेटी को आगे बढ़ाना है। उनकी टीम से लोकेंद्र, नेहा वालिया ने भी विचार प्रकट किए। स्कूल की प्रधानाचार्या डॉ. भावना यादव ने इस विषय पर छात्रों से अन्य लोगों को भी जागरूक करने की अपील की। छात्रों ने जिला प्रोबेशन विभाग से कई सवाल भी किए।

  • मैं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ को लेकर अन्य लोगों को भी जागरूक करने का कार्य करूंगी। - आसिन मिश्रा
  • यह कार्यक्रम बहुत अच्छा था। हमने इससे बहुत कुछ सीखा और अन्य लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया। - सुहानी
  • बेटियों को पढ़ाना चाहिए। सभी लोगों को उनकी शिक्षा को लेकर जागरूक होना चाहिए। - दिक्षांशा सिंह
  • हमने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ से संबंधित रंगोली और पोस्टर तैयार किए। अतिथियों से इस योजना की जानकारी मिली। - पायल सिंह
  • लड़कियों की शिक्षा का ख्याल रखते हुए अच्छे अभियान की शुरुआत की गई है। हमारा फर्ज है कि अभिभावकों को जागरूक करें। - सृष्टि गुप्ता
  • आज भी कई लड़कियां आर्थिक कारणों से स्कूल नहीं जा पातीं। उन योजनाओं का पता लगा जो लड़कियों की शिक्षा में उपयोगी हैं। - श्रुति
  • यह कार्यक्रम बहुत अच्छा रहा। कई अच्छी योजनाओं की जानकारी इसमें मिली। इनकी जानकारी अन्य लोगों को भी दूंगी। - मुस्कान चौधरी
  • बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर आधारित कार्यक्रम में देश में बेटियों के हालात पर जानकारी मिली। लोगों को बेटियों को बेटों की तरह आगे बढ़ाना चाहिए। - दृष्टि