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शंका का मिला समाधान, जाने अपने अधिकार

Published - Thu 05, Mar 2020

हवालबाग विकासखंड सभागार में हुए महिलाओं के जागरूकता सम्मेलन में बीडीओ पंकज कांडपाल और महिला और बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न सरकारी विभागों की ओर से महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी।

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अल्मोड़ा। महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं लेकिन अब भी कई महिलाएं जो अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं है। उन्हें जागरूक होना होगा ताकि वह अपनी शक्ति पहचान सकें। खंड विकास अधिकारी की इन बातों को सुनकर अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के जागरूकता सम्मेलन में एकत्र हुई महिलाओं ने अपनी कई शंकाओं का समाधान किया और कार्यक्रम में आए सरकारी अधिकारियों से अपने अधिकार भी जाने।
हवालबाग विकासखंड सभागार में हुए महिलाओं के जागरूकता सम्मेलन में बीडीओ पंकज कांडपाल और महिला और बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न सरकारी विभागों की ओर से महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी। निर्भया प्रकोष्ठ की वरिष्ठ अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी समेत आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों ने महिलाओं के अधिकार और कानूनों के बारे में बताया। इस मौके पर महिलाओं की शंका का भी समाधान किया गया। महिलाओं ने शपथ पत्र भी भरे।
खंड विकास अधिकारी पंकज कुमार कांडपाल और अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी ने महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। आजीविका परियोजना के असिस्टेंट मैनेजर संदीप सिंह, ग्रामीण समाज कल्याण समिति के निदेशक गोपाल सिंह चौहान, वनस्टाप सेंटर की प्रभारी अनीता मेहता, सीडीपीओ आशा भैसोड़ा ने भी महिलाओं का मार्गदर्शन किया। सम्मेलन के लिए आजीविका के परियोजना प्रबंधक कैलाश चंद्र भट्ट का आभार जताया गयाग। संचालन पंकज ओझा ने किया।

सरकारी योजनाओं से रुबरु हुई महिलाएं
पंकज कुमार कांडपाल, खंड विकास अधिकारी हवालबाग

  • मनरेगा में पंजीकृत परिवार को श्रम विभाग से दो पुत्रियों के लिए 51-51 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान है।
  • बारहवीं पास 18 से 35 साल के बेरोजगार युवाओं को स्किल डेपलपमेंट प्रोग्राम के तहत नि:शुल्क व्यवसायिक प्रशिक्षण और रोजगार गारंटी।
  • सात साल से मायके में रह रही परित्यक्ता महिला को पेंशन लाभ सरकार की ओर से दिया जाता है।
  • सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर गोशाला, मुर्गीबाड़ा निर्माण, ग्रामीण कंपोस्ट पिट, गोबर गैस प्लांट निर्माण करें।

महिलाओं ने जाने कानूनी अधिकार

अभिलाषा तिवारी, निर्भया प्रकोष्ठ अधिवक्ता

  • दहेज के लिए यदि पति और ससुराल पक्ष वाले परेशान करते हैं तो धारा 498ए में मामला पुलिस और राजस्व पुलिस में होगा दर्ज।
  • मारपीट होने पर महिला धारा 323 में मामला दर्ज करा सकती है।
  • महिलाओं के साथ यदि गाली गलौच की जाती है तो वह धारा 504 में, जान से मारने की धमकी मिलने पर धारा 506 में मामला दर्ज कराएं।
  • यदि महिला के साथ कोई घटना होती है तो उसे छुपाएं नहीं बल्कि पुलिस को बताएं। विधि शास्त्र में सुधारात्मक सिद्धांत में धारा 354ए में मामला दर्ज हुए बिना इस विकृति को सुधारा जा सकता है। जबकि मामला दर्ज कराने पर सजा मिलेगी। धारा 326 (ए) में मुकदमा दर्ज होता है। दोष सिद्ध होने पर कम से कम सात साल और अधिक से अधिक दस साल की सजा मिलेगी।
  • बच्ची को स्कूल जाने से रोकना भी घरेलू हिंसा में आता है। इसमें महिलाएं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के यहां डीआईआर दर्ज कराएंगी। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सीडीपीओ (घरेलू अधिनियम संरक्षण अधिकारी) को जानकारी देंगी। इसके बाद सीडीपीओ इस मामले को कोर्ट में दर्ज कराएंगी। तत्पश्चात के नि:शुल्क अधिवक्ता के माध्यम से इस मामले में पैरवी कर सकती हैं।
  • 18 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ लैगिंक छेड़छाड़ पाक्सो एक्ट में होता है मामला दर्ज।
  • नौकरी करने वाली महिलाओं से कार्यालय समय के अतिरिक्त काम नहीं लिया जा सकता है। प्रत्येक कार्यालय में महिला सेल गठित करने के सरकार के निर्देश हैं।


योजनाओं का लाभ उठाकर कुपोषण से मुक्त हों

  • महिला एवं बाल विकास विभाग आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से कुपोषण उन्मूलन के लिए कर रहा कार्य।
  • पीएम मातृ वंदना योजना में प्रथम बार गर्भवती होने पर महिला को पांचवे माह में एक हजार, छठे माह में दो हजार रुपये और प्रसव होने पर भी सरकार देती है मदद।
  • नंदादेवी गौरा योजना में छह हजार तक की वार्षिक आय पर पुत्री का जन्म होने के पांच माह में 11 हजार और इंटर पास होने पर 51 हजार रुपये की सहायता देय।

ऋण योजनाओं का लाभ उठाएं
नीमा पांडे, एडीओ कोआपरेटिव-

  • स्वयं की भूमि होने पर ग्रामीणों को मिलता है शून्य फीसदी ब्याज पर लोन।
  • दीन दयाल उपाध्याय योजना के तहत महिला समूहों की सदस्य व्यक्तिगत तौर पर शून्य फीसदी दर पर एक लाख रुपये तक लोन ले सकती हैं।

पीड़ित महिलाओं को मदद करता है वन स्टाप सेंटर
अनीता मेहता, प्रभारी वन स्टाप सेंटर

  • महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से शैलगूंठ (एनटीडी) में पीड़ित महिलाओं की मदद के लिए वन स्टाप सेंटर संचालित हो रहा है। इसमें यौन उत्पीड़न समेत अन्य कारणों से प्रताड़ित महिला के पांच दिन तक रहने की सुविधा दी जाती है। महिला को नि:शुल्क कानूनी सहायता, चिकित्सा और काउंसलिंग की सुविधा दी जाती है।
  • महिला उत्पीड़न की घटना होने पर राष्ट्रीय महिला हेल्प लाइन नंबर 181, स्थानीय महिला हेल्प लाइन का नंबर 1090, बच्चों से दुर्व्यवहार और उत्पीड़न पर चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर 1098 पर फोन कर लें मदद।

समूहों के माध्यम से महिलाएं बन रही आत्मनिर्भर
संदीप सिंह, असिस्टेंट मैनेजर, आजीविका
आजीविका परियोजना के माध्यम से महिलाओं के समूह और फैडरेशन गठित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। जिले में 2425 ग्रुपों से 22725 महिलाआ सदस्यों को जोड़ा गया है।

सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं
गोपाल सिंह चौहान, निदेशक, ग्रामीण समाज कल्याण समिति।

  • सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर बकरी पालन, मुर्गी पालन से करें रोजगार।
  • महिलाएं बिस्कुट, जूस, जैम, अचार, नमकीन आदि का प्रशिक्षण लेकर आय अर्जित करें।