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श्रावस्ती : महिला कभी नहीं रहीं अबला

Published - Wed 19, Dec 2018

चौपाल में वक्ताओं ने कहा, संविधान ने भी महिलाओं को दिया विशेष सम्मान

श्रावस्ती। संविधान में भी महिलाओं को विशेष स्थान मिला है। महिलाएं कभी भी अबला नहीं थीं। उनकी स्थिति हमेशा से सबला की रही है। मध्यांतर में कुछ सामाजिक त्रुटियों के कारण उनकी शैक्षिक स्थिति प्रभावी थी। इसलिए उन्हें कमजोर समझा जाने लगा। आज महिलाएं चाहे शिक्षा जगत हो या अन्य क्षेत्र, सब जगह आगे हैं। महिलाओं की मौजूदा स्थिति पर चिंतन के लिए सोमवार गिलौला के नेहरू स्मारक इंटर कॉलेज में 'अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स' के तहत 17 दिसंबर को  चौपाल का आयोजन किया गया। इसमें बालिकाओं से शिक्षा के प्रति जागरूक रहने और शिक्षा के माध्यम से अपने भविष्य के रास्ते तय करने को कहा गया। प्राचार्य डॉ. प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि बालक हो अथवा बालिका सबके विकास का रास्ता शिक्षा से ही खुलता है। आज छात्रों के सापेक्ष छात्राएं ज्यादा आगे आ रही हैं। यह एक बेहतर संकेत है। जल्द ही शिक्षित भारत का सपना साकार होगा। शिक्षक विनोद मिश्रा ने छात्राओं को स्वावलंबी एवं आत्म रक्षा के टिप्स बताए। (17-12-18)